मज़हबी मज़दूर सब बैठे हैं इनको काम दो - mazahabee mazadoor sab baithe hain inako kaam do -मुनव्वर राना - munavvar raana

मज़हबी मज़दूर सब बैठे हैं इनको काम दो ,

इसी शहर में एक पुरानी सी इमारत और है ।


2

हम ईंट-ईंट को दौलत से लाल कर देते,

अगर ज़मीर की चिड़िया हलाल कर देते ।


3

दिल ऎसा कि सीधे किए जूते भी बड़ों के

जिद ऎसी कि ख़ुद ताज उठा कर नहीं पहना ।


4

चमक यूँ ही नहीं आती है ख़ुद्दारी के चेहरे पर

अना को हमने दो-दो वक़्त का फाका कराया है।


5

मुनव्वर माँ के सामने कभी खुलकर नहीं रोना,

जहाँ बुनियाद हो, इतनी नमी अच्छी नहीं होती ।


6

बरबाद कर दिया हमें परदेस ने मगर

माँ सबसे कह रही है कि बेटा मज़े में है ।


7

एक निवाले के लिए मैंने जिसे मार दिया,

वह परिन्दा भी कई दिन का भूखा निकला ।

-मुनव्वर राना - munavvar raana

Comments

Popular posts from this blog

Music Distribution क्या है? Music Distribution कैसे किया जाता है? Free और Paid Music Distribution Platforms की पूरी जानकारी

गैस की कमी में खाना बनाने के 20+ स्मार्ट तरीके | Complete Guide for Smart Cooking Article Ambika Rahee

प्रधानमंत्री विश्वकर्मा योजना (PM Vishwakarma Yojana) – पूरा प्रोसेस, ट्रेनिंग, टूल्स और फायदे