सुना था कि बेहद सुनहरी है दिल्ली - suna tha ki behad sunaharee hai dillee - - Mohammad Imran "Prataparh" - मो० इमरान "प्रतापगढ़ी"

सुना था कि बेहद सुनहरी है दिल्ली,

समंदर सी ख़ामोश गहरी है दिल्ली

मगर एक मॉं की सदा सुन ना पाये,

तो लगता है गूँगी है बहरी है दिल्ली

वो ऑंखों में अश्कों का दरिया समेटे,

वो उम्मीद का इक नज़रिया समेटे

यहॉं कह रही है वहॉं कह रही है,

तडप करके ये एक मॉं कह रही है

कोई पूँछता ही नहीं हाल मेरा…..!

कोई ला के दे दे मुझे लाल मेरा

उसे ले के वापस चली जाऊँगी मैं,

पलट कर कभी फिर नहीं आऊँगी मैं

बुढापे का मेरे सहारा वही है,

वो बिछडा तो ज़िन्दा ही मर जाऊँगी मैं

वो छ: दिन से है लापता ले के आये,

कोई जा के उसका पता ले के आये

वही है मेरी ज़िन्दगी का कमाई,

वही तो है सदियों का आमाल मेरा

कोई ला के दे दे मुझे लाल मेरा!

ये चैनल के एंकर कहॉं मर गये हैं,

ये गॉंधी के बंदर कहॉं मर गये हैं

मेरी चीख़ और मेरी फ़रियाद कहना,

ये मोदी से इक मॉं की रूदाद कहना

कहीं झूठ की शख़्सियत बह ना जाये,

ये नफ़रत की दीवार छत बह ना जाये

है इक मॉं के अश्कों का सैलाब साहब,

कहीं आपकी सल्तनत बह ना जाये

उजड सा गया है गुलिस्तॉं वतन का

नहीं तो था भारत से ख़ुशहाल मेरा

कोई ला के दे दे मुझे लाल मेरा।

- Mohammad Imran "Prataparh" - मो० इमरान "प्रतापगढ़ी"

Comments

  1. Kitna badiya likha hai sir
    🙏🙏🙏🙏🙏🙏🙏

    ReplyDelete
  2. Asalamualaikum
    Mashallah nice 👍

    ReplyDelete
  3. Very nice 👍🏼🙂

    ReplyDelete

Post a Comment

Popular posts from this blog

Music Distribution क्या है? Music Distribution कैसे किया जाता है? Free और Paid Music Distribution Platforms की पूरी जानकारी

गैस की कमी में खाना बनाने के 20+ स्मार्ट तरीके | Complete Guide for Smart Cooking Article Ambika Rahee

प्रधानमंत्री विश्वकर्मा योजना (PM Vishwakarma Yojana) – पूरा प्रोसेस, ट्रेनिंग, टूल्स और फायदे