तेरी हर बात मोहब्बत में गवारा करके - teree har baat mohabbat mein gavaara karake - Dr. Rahat “ Indauri” - डॉ० राहत “इन्दौरी”
तेरी हर बात मोहब्बत में गवारा करके
दिल के बाज़ार में बैठे हैँ ख़सारा[1] करके
एक चिन्गारी नज़र आई थी बस्ती मेँ उसे
वो अलग हट गया आँधी को इशारा करके
मुन्तज़िर[2] हूँ कि सितारों की ज़रा आँख लगे
चाँद को छत पे बुला लूँगा इशारा करके
मैं वो दरिया हूँ कि हर बूँद भंवर है जिसकी
तुमने अच्छा ही किया मुझसे किनारा करके
Dr. Rahat “ Indauri” - डॉ० राहत “इन्दौरी”
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