अपने ही सुख से चिर चंचल - apane hee sukh se chir chanchal - Sumitra Nandan Pant - सुमित्रानंदन पंत #Poem_Gazal_Shayari

अपने ही सुख से चिर चंचल
हम खिल खिल पडती हैं प्रतिपल,
जीवन के फेनिल मोती को
ले ले चल करतल में टलमल!

छू छू मृदु मलयानिल रह रह
करता प्राणों को पुलकाकुल;
जीवन की लतिका में लहलह
विकसा इच्छा के नव नव दल!

सुन मधुर मरुत मुरली की ध्वनी
गृह-पुलिन नांध, सुख से विह्वल,
हम हुलस नृत्य करतीं हिल हिल
खस खस पडता उर से अंचल!

चिर जन्म-मरण को हँस हँस कर
हम आलिंगन करती पल पल,
फिर फिर असीम से उठ उठ कर
फिर फिर उसमें हो हो ओझल!

Sumitra Nandan Pant - सुमित्रानंदन पंत 

#Poem_Gazal_Shayari

Comments

  1. Very nice and I have used it in my Hindi project 😊🤗🤗

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