आज केतकी फूली - aaj ketakee phoolee -- रामकुमार वर्मा - Ram Kumar Verma #www.poemgazalshayari.in

आज केतकी फूली !

नभ के उज्ज्वल तारों से हो -

निर्मित जग में झूली ।

आज केतकी फूली !

अन्तरिक्ष का बिखरा वैभव

    पृथ्वी पर संचित है,

इसीलिए यह कलिका नभ-छवि

    ले भू पर कुसुमित है,

पवन चूम जाता है, मेरी

    इच्छा से परिचित है,

इस मिलाप मे ही सारे

    जीवन का सुख अंकित है ।

मैंने आज प्रेम की उँगली से

वह चिर छवि छू ली !

आज केतकी फूली !


- रामकुमार वर्मा - Ram Kumar Verma
#www.poemgazalshayari.in

Comments

Popular posts from this blog

Music Distribution क्या है? Music Distribution कैसे किया जाता है? Free और Paid Music Distribution Platforms की पूरी जानकारी

गैस की कमी में खाना बनाने के 20+ स्मार्ट तरीके | Complete Guide for Smart Cooking Article Ambika Rahee

प्रधानमंत्री विश्वकर्मा योजना (PM Vishwakarma Yojana) – पूरा प्रोसेस, ट्रेनिंग, टूल्स और फायदे