आज मैंने अपने घर का नम्बर मिटाया है - aaj mainne apane ghar ka nambar mitaaya hai -- अमृता प्रीतम - Amrita Pritam #www.poemgazalshayari.in
आज मैंने
अपने घर का नम्बर मिटाया है
और गली के माथे पर लगा
गली का नाम हटाया है
और हर सड़क की
दिशा का नाम पोंछ दिया है
पर अगर आपको मुझे ज़रूर पाना है
तो हर देश के, हर शहर की,
हर गली का द्वार खटखटाओ
यह एक शाप है, यह एक वर है
और जहाँ भी
आज़ाद रूह की झलक पड़े
— समझना वह मेरा घर है।
- अमृता प्रीतम - Amrita Pritam
#www.poemgazalshayari.in
Comments
Post a Comment