मैली-मैली हँसी, कसैली चेहरे पर अँगड़ाई - mailee-mailee hansee, kasailee chehare par angadaee -- जयप्रकाश त्रिपाठी- Jayprakash Tripathi #www.poemgazalshayari.in ||Poem|Gazal|Shaayari|Hindi Kavita|Shayari|Love||

मैली-मैली हँसी, कसैली चेहरे पर अँगड़ाई ।
देखो, कैसे पटक-पटक कर मार रही महँगाई।

अन्दर-अन्दर खौल रहा मन, बाहर-बाहर मेला,
झरझर आँसू, फटी जेब में ससुरा एक न धेला,
बिटिया की रह गई पढ़ाई, कैसे करें सगाई।

छप्पन सिंह के छप्पन गाड़ी, सात मंज़िला कोठी,
रुपई महतो की हर मुश्किल एवरेस्ट की चोटी,
तीन साल से पड़ी खाट पर काँटा हुई लुगाई।

पूरब-पच्छिम, उत्तर-दक्खिन चारों ओर बखेड़ा,
आटा, सब्ज़ी, दाल, दूध जैसे मथुरा का पेड़ा,
भाव-ताव करने पर आए दिन की हाथा-पाई।

रात बिताए रिक्शे पर खर्राटा मारे भोला,
वोट-बहादुर के घर उतरे हरदम उड़न खटोला,
आँख फाड़ के गली-मोहल्ला देखे गजब कसाई।


- जयप्रकाश त्रिपाठी- Jayprakash Tripathi

#www.poemgazalshayari.in

||Poem|Gazal|Shaayari|Hindi Kavita|Shayari|Love||

Comments

Popular posts from this blog

Music Distribution क्या है? Music Distribution कैसे किया जाता है? Free और Paid Music Distribution Platforms की पूरी जानकारी

गैस की कमी में खाना बनाने के 20+ स्मार्ट तरीके | Complete Guide for Smart Cooking Article Ambika Rahee

प्रधानमंत्री विश्वकर्मा योजना (PM Vishwakarma Yojana) – पूरा प्रोसेस, ट्रेनिंग, टूल्स और फायदे