कभी सोचता हूँ, कि मैं चुप रहूँ - kabhee sochata hoon, ki main chup rahoon -- आनंद बख्शी- Anand Bakshi #www.poemgazalshayari.in #Poem #Gazal #Shayari #Hindi Kavita #Shayari #Love shayari #Anand Bakshi #lyrics #guljar

 कभी सोचता हूँ, कि मैं चुप रहूँ

कभी सोचता हूँ, कि मैं कुछ कहूँ


आदमी जो सुनता है, आदमी जो कहता है

ज़िंदगी भर वो सदाएँ पीछा करती हैं

आदमी जो देता है, आदमी जो करता है

रास्ते मे वो दुआएँ पीछा करती हैं


कोई भी हो हर ख़्वाब तो अच्छा नहीं होता

बहुत ज्यादा प्यार भी अच्छा नहीं होता है

कभी दामन छुड़ाना हो, तो मुश्किल हो

प्यार के रस्ते छूटे तो, प्यार के रिश्ते टूटे तो

ज़िंदगी भर फिर वफ़ाएँ पीछा करती हैं ...


कभी कभी मन धूप के कारण तरसता है

कभी कभी फिर दिल में, सावन बरसता है

प्यास कभी बुझती नहीं, इक बूँद भी मिलती नहीं

और कभी रिम झिम घटाएँ पीछा करती हैं ...


- आनंद बख्शी- Anand Bakshi


#www.poemgazalshayari.in


#Poem #Gazal #Shayari #Hindi Kavita #Shayari #Love shayari #Anand Bakshi #lyrics #guljar


Please Subscribe to our youtube channel


https://www.youtube.com/channel/UCdwBibOoeD8E-QbZQnlwpng

Comments

Popular posts from this blog

Music Distribution क्या है? Music Distribution कैसे किया जाता है? Free और Paid Music Distribution Platforms की पूरी जानकारी

गैस की कमी में खाना बनाने के 20+ स्मार्ट तरीके | Complete Guide for Smart Cooking Article Ambika Rahee

प्रधानमंत्री विश्वकर्मा योजना (PM Vishwakarma Yojana) – पूरा प्रोसेस, ट्रेनिंग, टूल्स और फायदे