अति अनियारे मानौ सान दै सुधारे - Ati aniyārē mānau sāna dai sudhārē -Rahim- abdul rahim khan-i-khana रहीम- अब्दुल रहिम खान-ए-ख़ाना

 अति अनियारे मानौ सान दै सुधारे,

महा विष के विषारे ये करत पर-घात हैं।

ऐसे अपराधी देख अगम अगाधी यहै,

साधना जो साधी हरि हिय में अन्हात हैं॥

बार बार बोरे याते लाल लाल डोरे भये,

तौहू तो ’रहीम’ थोरे बिधि न सकात हैं।

घाइक घनेरे दुखदाइक हैं मेरे नित,

नैन बान तेरे उर बेधि बेधि जात हैं॥


Rahim- abdul rahim khan-i-khana

रहीम- अब्दुल रहिम खान-ए-ख़ाना



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