सूरदास का जीवन-परिचय | Biography of Soordas | Soordas | Surdas | सूरदास
सूरदास का जीवन-परिचय | Biography of Soordas | Soordas | Surdas | सूरदास
महाकवि सूरदास जी का जन्म का कोई प्रमाणिक तथ्य नहीं है, लेकिन सूरदास जी का जन्म १४७८ ई० में मथुरा - आगरा मार्ग में स्थित रुनकता गाँव में माना जाता है,
लेकिन बहुत से विद्वानों में अभी भी मतभेद है जैसे रामचंद्र शुक्ल के अनुसार आपका जन्म संवत १५४० वि० और मृत्यु १६२० ई० के आसपास मन जाता है |
आप के पिताजी रामदास बैरागी जी खुद एक प्रसिद्ध गायक थे, और बचपन में आप गौघाट पर बैठ कर अपने पिता के गीत गुनगुनाते थे, बाद में आपके गुरू श्री बल्लभाचार्य के आदेश से अपने कृष्ण भक्ति के पद और गीत गाया|
आप जन्म से अंधे थे या नहीं इसमें भी कोई पुख्ता सबूत नहीं है, कुछ विद्वानों का कहना है कोई भी बिना रंग और स्वरुप देखे इतना अच्छा गीत और सृंगार गीत कैसे लिख सकता है |
सूरदास जी की मृत्यु १५८३ ई० में हुई थी |
आपकी प्रसिद्ध रचना जो हमने up बोर्ड पाठ्यक्रम में पढ़ा था, सूरसागर, साहित्य लहरी, सूर की सारावली आदि रचनाये मणि जाती है |
मुक्त ज्ञानकोष, वेब स्रोतों और उन सभी पाठ्य पुस्तकों का मैं धन्यवाद देना चाहता हूँ, जहाँ से जानकारी प्राप्त कर इस लेख को लिखने में सहायता हुई है |
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