सच्चिदानंद हीरानंद वात्स्यायन "अज्ञेय" का जीवन परिचय | Biography of Agyeya
सच्चिदानंद हीरानंद वात्स्यायन 'अज्ञेय'
हिंदी के अपने समय के विख्यात प्रसंसनीय कवी, कथाकार, निबंधकार, संपादक, अध्यापक के रूप में जाने, जानेवाले श्री सच्चिदानंद हीरानंद वात्स्यायन " अज्ञेय" जी का जन्म ७ मार्च १९११ को उत्तर प्रदेश में एक खुदाई सिविर में हुआ था |
आपका बचपन लखनऊ, कश्मीर, बिहार, और मद्रास में ज्यादा बीता |
आपने बी एस सी करने के बाद, इंग्लिश से एम् ए किया, एम् ए के दौरान ही आप क्रन्तिकारी आन्दोलन से जुड़ गए थे और बम बनाते हुए पकडे गए थे, उसके बाद आप वहा से फरार हो गए थे और बाद में आपको जेल में दल दिया गया |
आपको कविताओ या रचनावो के साथ साथ फोटो ग्राफी का भी सौक था, आपको संस्कृत , फारसी, इंग्लिश, और बंगला भाषा का अच्छा ज्ञान था |
आपकी पत्नी का नाम कपिला वात्स्यायन था|
भारत सरकार द्वारा आपको ज्ञानपीठ पुरस्कार द्वारा सम्मानित किया गया था,
४ अप्रेल १९८७ को आप ने इस धरा से हमेशा के लिए अलविदा कह दिए|
मुक्त ज्ञानकोष, वेब स्रोतों और उन सभी पाठ्य पुस्तकों का मैं धन्यवाद देना चाहता हूँ, जहाँ से जानकारी प्राप्त कर इस लेख को लिखने में सहायता हुई है |

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