आए कुछ अब्र कुछ शराब आए | फ़ैज़ अहमज फ़ैज़ | Faiz Ahamad Faiz | फ़ैज़ अहमज फ़ैज़ shayari Poemgazalshayari.in

फ़ैज़ अहमज फ़ैज़  | Faiz Ahamad Faiz | फ़ैज़ अहमज फ़ैज़ shayari Poemgazalshayari.in


 आए कुछ अब्र कुछ शराब आए 

इस के बा'द आए जो अज़ाब आए 

बाम-ए-मीना से माहताब उतरे 

दस्त-ए-साक़ी में आफ़्ताब आए 


हर रग-ए-ख़ूँ में फिर चराग़ाँ हो 

सामने फिर वो बे-नक़ाब आए 

उम्र के हर वरक़ पे दिल की नज़र 

तेरी मेहर-ओ-वफ़ा के बाब आए 


कर रहा था ग़म-ए-जहाँ का हिसाब 

आज तुम याद बे-हिसाब आए 

न गई तेरे ग़म की सरदारी 

दिल में यूँ रोज़ इंक़लाब आए 


जल उठे बज़्म-ए-ग़ैर के दर-ओ-बाम 

जब भी हम ख़ानुमाँ-ख़राब आए 

इस तरह अपनी ख़ामुशी गूँजी 

गोया हर सम्त से जवाब आए 


'फ़ैज़' थी राह सर-ब-सर मंज़िल 

हम जहाँ पहुँचे कामयाब आए 


- फ़ैज़ अहमज फ़ैज़  | Faiz Ahamad Faiz | फ़ैज़ अहमज फ़ैज़ shayari Poemgazalshayari.in


हमारे इस पोस्ट को पढ़ने के लिए हम आपका आभार व्यक्त करते है | इस जानकारी को ज्यादा से ज्यादा Facebook, Whatsapp जैसे सोशल मिडिया पर जरूर शेयर करें | धन्यवाद  !!!


www.poemgazalshayari.in

Comments

Post a Comment

Popular posts from this blog

Music Distribution क्या है? Music Distribution कैसे किया जाता है? Free और Paid Music Distribution Platforms की पूरी जानकारी

गैस की कमी में खाना बनाने के 20+ स्मार्ट तरीके | Complete Guide for Smart Cooking Article Ambika Rahee

प्रधानमंत्री विश्वकर्मा योजना (PM Vishwakarma Yojana) – पूरा प्रोसेस, ट्रेनिंग, टूल्स और फायदे